“जाकर रण में ललकारी थी,
वह तो झाँसी की झलकारी थी,
गोरों से लड़ना सिखा गयी,
है इतिहास में झलक रही,
वह भारत की ही नारी थी।
अपनी अद्भुत वीरता, शौर्य, पराक्रम एवं साहस से ब्रिटिश सेना की रणनीतियों व हमलों को विफल करने वाली महान वीरांगना, बुंदेलखंड की शान बेटी तथा रानी लक्ष्मीबाई जी की सेना में महिला शाखा दुर्गा दल की सेनापति, अमर शहीद वीरांगना रानी झलकारी बाई जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।
उनकी वीरता और साहस की कहानियां सदैव भावी पीढ़ियों को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी।


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